जलती चिंगारी वीर शहीदों के नाम
ना वो रुकेंगे
ना हम रुकेंगे
जब तक ताक नहीं देता बंदूक मैं उसके सीने मैं बंदूक
तब तक नहीं बुझेगी ये ज्वाला
ना वो रुकेंगे
ना हम रखेंगे
चाहे चुकानी पड़ी मुझे सांसे
पर व्यर्थ ना होने देंगे उस कुर्बानी को
जो हमारे वीर शहीदों को मिली
कैसे भूल जाएं उस मन्जर को
जब एक माँ ने अपने शहीद बेटे को देखा होगा ।
ना वो रुकेंगे
ना हम रूकेंगे
खून का बदला खून से लेंगे
अब एक को नहीं
उन हजारों को मारेंगे जहां पाकिस्तानी जैसे आतंकवादी पैदा होगा
SUMIT Singh
9719368950

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