मेजर चित्रेश बिष्ट

बारूदी सुरंग विस्फोट में शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट सिंह का उत्तराखंड के हरिद्वार में अंतिम संस्कार कर दिया गया है  शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट  का पार्थिक शरीर खड़खड़ी श्मशान घाट पर लाया गया ।  इस दौरान स्थानीय लोगों ने वंदे मातरम और चित्रेश बिष्ट अमर रहें ... के नारे भी लगाए। उनका पार्थिव शरीर रविवार शाम को देहरादून स्थित उनके आवास में पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी हजारों लोगों के साथ मेजर की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। बता दें कि 16 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास एक आईईडी बम को डिफ्यूज करते समय मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट शहीद हो गए थे। इसमें एक जवान घायल भी हो गया
मेजर चित्रेश बिष्ट (Major Chitresh Bisht) सेना की इंजीनियरिंग विंग में थे और उनकी चाहत थी कि वह एनएसजी से जुड़ें। इस हसरत को पूरा करने के लिए वह दोबारा एनएसजी के लिए भी चुने गए, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। हाल में ही सेना से रिटायर हुए राजीव कंसवाल भी शनिवार दोपहर में ओल्ड नेहरू कॉलोनी स्थित मेजर चित्रेश के घर पहुंचे। राजीव प्रेमनगर में रहते हैं। राजीव कहते हैं कि चित्रेश सेना में काबिल अफसर थे। बड़े अभियानों में वह सेना की पहली पसंद रहते थे। राजीव कंसवाल सेना में रहते हुए दो साल मेजर चित्रेश के साथ भी रहे। चित्रेश के पिता को सांत्वना देते-देते राजीव की आंखें भी छलक पड़ीं। 

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