प्यारी दादी माँ

प्यारी दादी माँ


हृदय की तन मन छांव में
छांव में पल पल याद तुम्हारी
याद तुम्हारी बसी हृदय में
हृदय में प्रकाश पुंज तुम्हारी
तुम्हारी याद पल आसूंओं में

अन्धकार से प्रकाश की ओर
प्रकाश से जीवन की ओर
जीवन से संस्कारों की ओर
संस्कारों से अपनेपन की ओर
सदा रहे यही कृपा आपकी ...

तुम्हारी छाया में जीवन था
जीवन जूही समान खिला था
खिला हुआ सूरज चांदनी में
चांदनी अन्धकार में बदल गयी
बदल गयी परछाई में

ओह प्यारी प्यारी दादी माँ

      Sumit Singh

     9719368950

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