Pyari maa

प्यारी मां

बैर हो गयी मां मुझसे
रूठ गयी मां मुझसे
दूर हो गयी मां मुझसे
ओ प्यारी मां
मुझसे हो गयी बड़ी भूल
क्षमा कर दो मुझको
अपने प्यारे स्नेह से
ओ प्यारी मां
खेद है मुझे अपने क्रोध का
दुख है मुझे इस क्रोध का
इस क्रोध को क्या व्यंग कहू
उस छाया मे क्या बोल कहू
ओ प्यारी मां
तुमारे स्पर्श से ही
मुझे अपने होने का अहसास होता है
आपकी वो प्यारी बोली
अपसाना बनकर छू जाती है
ओ प्यारी मां
बैर हो गयी मां मुझसे
संसार रूठ गया मुझसे
मेरा जीवन विफल हो गया
मेरा जीवन लक्ष्य हीन हो गया
ओ प्यारी मां
सुबह से श्याम हो गयी
धरती आकाश एक हो गया
सूर्य अस्त हो गया
आसमान में तारे खिल गये
पर अभी भी वो नाराजी
ओ प्यारी मां
समझ ना पाया रस प्याली को
समझ ना पाया उस धारा को
समझ ना पाया उस प्यार को
प्रेम तुमारा सदा अमृत जैसा
ओ प्यारी मां
सुमित सिंह 9719368950

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