हा मै मोहताज हू उस गरीबी
जिससे निकला हू
कैसे भुल जाउ बातो को
जिससे गुजरा हू खुद मैं
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हा आज अच्छा हू मैं
पर_उन_अमीरो_को_आज_भी_कुछ_कम_लगता_है
पर_उन_से_सिर्फ_इतना_ही_कहूगा
तुमारी_अमीरी_तुम_को_मुबारख
मुझे_मेरी_गरीबी
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सुमित सिंह9719368950
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