रिश्ता गरीबी का

हा मै मोहताज हू उस गरीबी
            जिससे निकला हू
कैसे भुल जाउ बातो को
      जिससे गुजरा हू खुद मैं
................. ..............
हा आज अच्छा हू मैं
 पर_उन_अमीरो_को_आज_भी_कुछ_कम_लगता_है
पर_उन_से_सिर्फ_इतना_ही_कहूगा
           तुमारी_अमीरी_तुम_को_मुबारख
            मुझे_मेरी_गरीबी
..........................
सुमित सिंह9719368950

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गुरुकुल के छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया

Halka pyar ho gya

राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता