दशानन रावण को पटाखों से जलाया जाता है और राम नाम को दियो से सजाया है
एक पहाड़ी ऐसा भी
पटाखे जलाने कहां की संस्कृति है आप हिन्दू होते तो हिन्दू संस्कृति को बढ़ावा देते ना की बाहरी संस्कृति को , एक तरफ आप तब से दीपावली मानते आ रहे हो जब से राम अयोध्या लौटे और क्या उस समय बम धमाकों की कमी थी लेकिन उस समय जश्न हजारों दियो , फूलों और मिठाइयों पकवानों से किया गया पूरे नगर में । क्या आप हिंदू होकर राम को भूल रहे है और पटाखे फोड़ने वाली संस्कृति को भारत में बढ़ावा दे रहे हो , अरे दशानन रावण को पटाखों से जलाया जाता है और राम नाम को दियो से सजाया जाता है वैसे ही आप आपने घर में राम को मानते है तो दियो से सजाते है क्योंकि मेरे हिंदुस्तान में पत्येक के ह्रदय में प्रभु राम बसते हैं ।
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